शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

Love Of Ghost

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Love Of Ghost

जी हाँ दोस्तों लीजिये मई आप लोगों के लिए तालाब की डायन लव ऑफ़ घोस्ट कहानी की दूसरा भाग लेकर आ गया हूँ तो जैसा की आप सभी ने पिछले भाग में पढ़ा  की गोविन्द को दूसरे गांव में जाते हुए उसी तालाब के पास कुछ दूरी पर एक पेंड़ के पीछे छिपी लड़की मिलती है जो पूरी तरह से नग्न अवस्था में थी और गोविन्द उसे देख कर तुरंत पीछे की और हटता है और अपनी पहनी हुई शाल को उस लड़की और हाँथ बढ़ा कर देता है वो लड़की भी उस शाल को लेकर अपने शरीर पर लपेट लेती है और पेंड के बहार आ जाती है और जब गोविन्द उसे लैन्टीन की हलकी सी रोशनी में देखता है तो वो लड़की सर से लेकर पांव तक किसी अप्पसरा से कम नहीं लग रही थी वो लड़की अपना सर नीचे की और झुकाए गोविन्द को शुक्रियादा अदा करती है और तब गोविन्द उससे पूंछता है की वो काओं है और इतनी रत में यहाँ इस हालत में क्या कर रही है तो वो लड़की जवाब देती है की उसका नाम राधा है और वो बगल वाले गांव से है


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वो और उसकी सहेलियां इस तालाब में नहाने के लिए आये थे लेकिन नहाते वक्क्त उसके किसी ने कपडे चुरा लिए तो गोविन्द पूंछता है की तो बांकी साडी लड़कियां कहा है तो राधा कहती है की वो साडी लड़कियां मुझे अकेला छोड़ कर भाग गई क्यों की वो सभी इस तालाब के पास रत में नहीं रकना चाहती थी पर मै क्या करती यही चिप कर बैठी रही तो गोविन्द कहता है की कोई बात नहीं अब मै आ गया हु और मै भी बगल वाले गांव में ही जा रहा हु वैद्य जी के पास चलो मई तुम छोड़ देता हूँ इतनी रात में अकेले जाना सही नहीं है तो राधा अपना सर हां में हिला देती है 



रास्ते में चलते हुए राधा बताती है की इस तालाब के पास रात में कोई नहीं आता तो आप अकेले कैसे इतनी रत में जा रहे है क्या आपको नहीं पता की इस तालाब में एक भूतनि रहती  है जो रत में अकेले जाने वाले मुसाफिरों को मार डालती है तो गोविन्द हस्ते हुए कहता है की मैं जानता हूँ लेकिन सायद तुम नहीं जानती हो की वो कोई भूतानि नहीं बल्कि एक आत्मा है तो राधा बहोत हैरानी में पूछती है की वो कैसे गोविन्द कहता है की उस आत्मा ने आज तक सिर्फ रत में निकलने वाले राहगीरों में से सिर्फ पुरुषों को ही मारा है कभी किसी स्त्री कोई कोई भी नुक्सानही पहुंचाया है और देखो तम भी इतनी रात में यहाँ हो लेकिन तुम अभी भी सही सलामत हो तो राधा मुस्कुराते हुए कहती है की मेरी बात अलग है तो गोविन्द कहता है की तुमने कुछ कहा तो राधा कहती है कुछ नहीं और पूंछती है की तुम ऐसा कैसे कहे सकते हो ये भी तो हो सकता है की वो सिर्फ पुरुँषों से ही नफरत करती हो तभी उन्हे मरती हो तो गोविन्द बोलै मई यही तो कहना चाहता हूँ की ऐसा क्यों है की वो पुरुषों से ही नफ़रत करती है इसकी कोई तो वजह होगी तो राधा उसे बीच में टोंकते हुए कहती है की आप भी तो एक पुरुष है तो आप क्यों इतनी रात में यहाँ से गुजर रहे है तो गोविन्द कहता है मुझे दर नहीं लगता है 


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इस लिए तो राधा पूंछती है की क्यों आपको डर क्यों नहीं लगता तो गोविन्द एक मासूम सी मुस्कान चहेरे पे लिए कहता है की इस पूरी दुनिया में ऊपर वाले ने जिसको भी बनाया है वि इंसान हो या कोई चींटी आत्मा हो या कोई देवता हर किसी में अच्छाई भी होती है और बुराई भी और कुछ लोग बुरे स्वाभाव से होते है लेकिन बहोत से ऐसे लोग है जो बुराई किसी वजह से चुनते है तो राधा कहती है की तो आपकी इस बात से उस भूतनि यानि उस आत्मा से क्या सम्बन्ध है तो गोविन्द कहता है हो सकता है की उसने भी बुराई किसी वजह से चुनी हो वो किसी वजह से लोगों को मरती हो तो राधा कहती है की ये भी तो हो सकता है की उसका स्वाभाव ही हो बुराई तो गोविन्द राधा से पूंछता है की अगर उसका स्वाभाव ही बुराई है तो वो सभी को क्यों नहीं मारती है सिर्फ पुरुषों को ही क्यों तो राधा गोविन्द की इस बात से सोंच में पद जाती है और गोविन्द से कहती है की क्या वो कभी उस आत्मा से मिला है तो गोविन्द कहता है नहीं मैं कभी नहीं मिला हूँ 

इसके आगे की कहानी नेक्स पार्ट में                                    Next

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